ध्यान ऐसे कई अभ्यासों को कहते हैं जिनमें ध्यान-केंद्रण का अलग-अलग तरीकों से उपयोग होता है, जैसे साँस पर ध्यान देना, किसी वाक्यांश को दोहराना, या वर्तमान क्षण के अनुभव को देखना। शुरुआती व्यक्ति एक छोटे, आरामदायक अभ्यास से शुरुआत कर सकते हैं और अगर इससे परेशानी हो तो उसमें बदलाव कर सकते हैं या उसे रोक सकते हैं।
ध्यान क्या है?
ध्यान कोई एक तकनीक नहीं, बल्कि अभ्यासों का एक व्यापक समूह है।
NCCIH ध्यान को कई तरह के मन-शरीर (माइंड-बॉडी) अभ्यासों के रूप में वर्णित करता है। कुछ अभ्यास किसी अनुभूति पर केंद्रित होते हैं, जैसे साँस, कोई ध्वनि, कोई छवि या कोई मंत्र; सजगता (माइंडफुलनेस) के अभ्यास में अक्सर वर्तमान अनुभव को बिना आँके देखना शामिल होता है।
यह मार्गदर्शिका ध्यान-केंद्रण का एक सरल अभ्यास बताती है। यह हर चिंतन-परंपरा का प्रतिनिधित्व नहीं करती और न ही किसी विशेष परंपरा के भीतर मिलने वाले निर्देश का स्थान लेती है।
छोटा-सा ध्यान कैसे आज़माएँ?
एक स्थिर आसन चुनें, किसी एक आधार (एंकर) पर ध्यान दें, और जब ध्यान भटके तो धीरे से उसी पर लौट आएँ।
- कुर्सी, गद्दी या फ़र्श पर ऐसी स्थिति में बैठें जिसमें आप आराम से बने रह सकें। लेटना भी एक विकल्प है।
- आँखें बंद होने दें या हल्के से खुली रखें।
- साँस की स्वाभाविक अनुभूति को किसी ऐसी जगह महसूस करें जहाँ यह आसानी से महसूस हो, जैसे नथुने या पेट। साँस को गहरा या नियंत्रित न करें।
- जब ध्यान कहीं और चला जाए, तो इसे स्वीकार करें और बिना खुद की आलोचना किए चुनी हुई अनुभूति पर लौट आएँ।
- कुछ मिनटों के बाद अपना ध्यान आसपास की आवाज़ों और फ़र्श के स्पर्श तक फैलाएँ, फिर अपनी गति से अभ्यास समाप्त करें।
क्या-क्या महसूस होना सामान्य है?
विचार आना, बेचैनी, नींद आना और ध्यान का बदलते रहना आम अनुभव हैं; ये अपने-आप असफलता के संकेत नहीं हैं।
ध्यान के लिए मन का खाली होना ज़रूरी नहीं है। आप अभ्यास को छोटा रख सकते हैं, आधार बदल सकते हैं, या आँखें खोल सकते हैं। अगर भीतर की ओर ध्यान देना असहज लगे, तो बाहर की आवाज़ों पर ध्यान दें या रुक जाएँ।
अगर ध्यान करते समय परेशानी महसूस हो तो क्या करें?
आप रुक सकते हैं; प्रगति के लिए परेशानी सहना ज़रूरी नहीं है। आँखें खोलें, अपने आसपास के माहौल पर ध्यान दें, और खुद को जारी रखने के लिए मजबूर करने के बजाय कोई सामान्य काम करें या किसी सहयोगी व्यक्ति का साथ लें।
अगर परेशानी बनी रहे या बढ़ती जाए, तो किसी उपयुक्त स्वास्थ्य पेशेवर से सहायता लें। अगर आपके साथ कोई आघात (ट्रॉमा) रहा है या पहले मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी कठिनाइयाँ रही हैं, तो अपने अभ्यास के चुनाव के बारे में उस पेशेवर और उचित रूप से प्रशिक्षित शिक्षक से बात करने पर विचार करें, खासकर गहन या लंबे अभ्यास से पहले।
शोध क्या कहता है, और उसकी सीमाएँ क्या हैं?
शोध के निष्कर्ष अभ्यास और परिणाम के अनुसार अलग-अलग होते हैं; NCCIH के अनुसार अधिकांश प्रमाण प्रारंभिक हैं या उनकी व्याख्या करना कठिन है।
ध्यान कोई निश्चित उपचार नहीं है। NCCIH यह भी बताता है कि संभावित हानिकारक प्रभावों की जाँच बहुत कम अध्ययनों में हुई है, इसलिए सुरक्षा के बारे में निश्चित दावे नहीं किए जा सकते। पारंपरिक चिकित्सा देखभाल के स्थान पर या किसी स्वास्थ्य समस्या के लिए मदद लेने को टालने के लिए ध्यान का उपयोग न करें।
संदर्भ और आगे पढ़ने के लिए
- Meditation and Mindfulness: Effectiveness and Safety National Center for Complementary and Integrative Health (NCCIH). अभ्यास के प्रकारों, प्रमाणों की सीमाओं और उपलब्ध सुरक्षा-शोध की सीमाओं का सारांश।